साथ चलते रास्ते



उम्मीदों की तरह हर पल साथ चलते रास्ते ,
ना  थकते, ना रुकते, ना उम्मीद कभी छोड़ते ये रास्ते ,

कई ख्वाइशों, अरमानों को लेकर चलते ये रास्ते,
नए हौसलों को छू कर उम्मीद की डोर थामे रास्ते,

हर कदम पर, अपनों सा एहसास देते ये रास्ते,
हर कदम को मज़िल देकर,खुद खामोश रहते ये रास्ते,

ज़िन्दगी के लम्बे सफर को नया नाम देते ये रास्ते,
कभी तपती धुप में झुलस कर, ठंडी छॉव की राह देखते ये रास्ते,

बारिश की बूंदों में भीगे, हँसते गुनगुनाते भी ये रास्ते,
ज़िन्दगी की खुशियों में गीत गाते ये रस्ते,

मौत के मातम में खामोश हो जाते ये रास्ते,
हम तो शायद मिट भी जाएँ, ज़िन्दगी हमारी थम भी जाये,

पर ना जाने कहाँ जाने को निकले, ना थमते, ना रुकते, ना उम्मीद छोड़ते ये रास्ते।


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